📲
घर में हैं वाटर फाउंटेन तो ध्यान दे इन वास्तु टिप्स पर

घर में हैं वाटर फाउंटेन तो ध्यान दे इन वास्तु टिप्स पर

Loading video...

वॉटर फॉउन्टेंस (पानी के फ़व्वारे) सजावट की कोई नई चीज़ नहीं है। इनका इस्तेमाल महलों और राज-घरानों में सैकड़ों साल पहले भी सजावट के लिए किया जाता था। पानी का इस्तेमाल एक्वेरियम्स, फॉउन्टेंस या मिनी-वाटरफॉल्स (छोटे झरने)के रूप में एक नाटकीय प्रभाव देने के लिए किया जा सकता है। बहते हुए पानी की आवाज़ के साथ अनेक रंगो की रोशनियों का मेल किसी भी रिहायशी या कमर्शियल जगह पर माहौल को बहुत प्रभावशाली और आरामदायक बनाता है। लेकिन, वॉटर फॉउन्टेंस का नियमित रख-रखाव ज़रूरी होता है। बदबू या सीलन को रोकने के लिए पानी को साफ़ रखने और बदलने का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। वास्तु पानी के गुणों वाली चीज़ों को सही जगह पर रखने की सलाह भी देता है जिससे सही ऊर्जा को आकर्षित किया जा सके।     

दिशाएँ

फॉउन्टेंस जल तत्व  या वाटर एलिमेंट को बताते  हैं और बहता पानी पैसे के बहाव को, ख़ुशी और प्यार को दर्शाता है। पूर्व, उत्तर-पूर्व और उत्तर दिशाएँ पानी की सजावट के लिए सही होती हैं। वॉटर फॉउन्टेंस या वॉटर एलिमेंट वाले शो-पीस दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम या दक्षिण-पूर्व में नहीं रखने चाहिए। उन्हें प्रॉपर्टी के बीच में भी नहीं रखना चाहिए।  

क्या करें और क्या  न करें

*फॉउन्टेंस को नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिव एनर्जी) को दूर रखने के लिए मुख्य द्वार के पास लगाया जा सकता है।  

*वॉटर फॉउन्टेंस या उनकी पेंटिंग्स बेड-रूम में नहीं रखनी चाहिए। इनसे बेचैनी हो सकती है और रिश्तों में सामंजस्य बिगड़ सकता है।   

*यह ध्यान रखें कि पानी लगातार बहता रहे। ऐसा इसलिए, क्योंकि रुका हुआ पानी जीवन में ठहराव ला सकता है और धन-हानि के साथ-साथ तरक्की में रुकावट भी पैदा कर सकता है।

समान आलेख

@@Wed Mar 25 2020 13:11:24