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भारत में होम लोन पाना है तो एनआरआई को पूरी करनी होंगी ये शर्तें

भारत में होम लोन पाना है तो एनआरआई को पूरी करनी होंगी ये शर्तें

भारत में होम लोन पाना है तो एनआरआई को पूरी करनी होंगी ये शर्तें
Some of the investment-friendly initiatives taken by the present Narendra Modi-led central government have raised the optimism among investors. (Dreamstime/Julia Sudnitskaya)
भारतीय रियल एस्टेट मार्केट हमेशा नॉन रेजिडेंस इंडियन्स यानी एनआरआई को निवेश के लिए लुभाती रही है। पिछले कुछ वर्षों में देश के रियल एस्टेट मार्केट में एनआरआई द्वारा लगाए गए पैसे में तेजी आई है। नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने निवेश को लेकर कुछ बेहतर कदम उठाए हैं, जिससे निवेशकों में उम्मीद बढ़ी है।
 
हालांकि कोई रेग्युलेटर न होने के कारण एनआरआई को कई बार पारदर्शिता और विश्वसनीयता में कमी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा वह होम लोन की योग्यता, प्रयोज्यता और होम लोन के नियमों से भी रूबरू नहीं होते। अगर आप एनआरआई हैं और भारत में होम लोन पाना चाह रहे हैं तो मकानआईक्यू आपको कुछ एेसी चीजों के बारे में बता रहा है, जिन्हें आवेदन करते वक्त आपको ध्यान में रखना चाहिए।
 
एनआरआई होम लोन के लिए जरूरी दस्तावेज: होम लोन अप्लाई करते वक्त जरूरी दस्तावेजों में पासपोर्ट, वीजा फॉर्म्स, भारत में स्थायी निवास का पता, डेप्यूटेशन या अपॉइंटमेंट लेटर, वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट, वर्क परमिट और एम्पलॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट की जरूरत होगी। इसके अलावा सैलरी सर्टिफिकेट्स, नॉन रेजिडेंट अॉर्डिनरी (NRO)  अकाउंट्स और नॉन रेजीडेंट एक्सटर्नल (NRE) की स्टेटमेंट्स की भी जरूरत होगी। आपको अपनी कंपनी द्वारा वेरिफाई किया हुआ विदेश का अड्रेस प्रूफ (ई-मेल पर) और टैक्स रिटर्न स्टेटमेंट देना होगा। साथ ही बैंक फॉर्मेट में जनरल पावर अॉफ अटॉर्नी (GPA) नोटराइज्ड होना चाहिए।
 
एनआरआई होम लोन के लिए सह-आवेदक: भारत में अगर एनआरआई होम लोन के लिए अप्लाई करता है तो सह-आवेदक और जीपीए होना अनिवार्य है। जीपीए होल्डर को कुछ अपवादों के साथ सह-आवेदक या लोन का गारंटर होना पड़ेगा। अगर कोई स्थानीय निवासी सह-आवेदक बनने के लिए उपलब्ध नहीं है तो लोन का गारंटर होना जरूरी है।
 
एनआरआई होम लोन के लिए योग्यता: आपकी इनकम और एजुकेशन क्वॉलिफिकेशन होम लोन एलिजिबिलिटी तय करने में अहम भूमिका निभाती है। एनआरआई होम लोन अप्लाई करने के लिए ग्रेजुएशन न्यूनतम क्वॉलिफिकेशन है। एलिजिबिलिटी का आधार यह मालूम करना है कि आप डेप्यूटेशन पर हैं या विदेश में स्थायी रूप से काम करते हैं। जबकि इनकम एलिजिबिलिटी में भारत भेजी गई या यहीं कमाई हुई इनकम शामिल हो सकती है। भारत के बैंक एलिजिबिलिटी तय करते वक्त नेट इनकम (विदेश में टैक्स चुकाने के बाद बची इनकम) को ध्यान में रखते हैं। 
 
न्यूनतम आय मानदंड: बैंक दर बैंक मानदंड भी अलग होते हैं। उदाहरण के तौर पर कई बैंकों में अमेरिका में रह रहे एनआरआई के लिए 24,000 डॉलर मिनिमम इनकम लेवल माना जाता है।
 
एनआरआई होम लोन की अवधि: रेग्युलर होम लोन के मुकाबले एनआरआई होम लोन की अवधि छोटी होती है। इसका कारण है कि एनआरआई की भुगतान करने की क्षमता भारतीय निवासी के मुकाबले बेहतर होती है। ज्यादातर बैंक एनआरआई को 15 वर्षों के लिए होम लोन देते हैं।
 
रेश्यो: लोन-टू-वैल्यू-रेश्यो (LTV) संपत्ति की आंकी गई कीमत की गिरवी राशि होती है। बैंक एनआरआई को 80-85 प्रतिशत एलटीवी की इजाजत देते हैं, मगर यह उनकी मासिक आय का विषय है। होम लोन के लिए अप्लाई करते वक्त अन्य जरूरी रेश्यो है तय दायित्व आय अनुपात (FOIR)। यह मासिक आय के लिए देय निश्चित मासिक किस्तों का अनुपात है। आपकी आय के आधार पर बैंक एनआरआई के लिए FOIR 60 प्रतिशत बढ़ा देते हैं।
 
ब्याज दर: एनआरआई होम लोन्स के लिए ब्याज दरें आम होम लोन जैसी होती हैं।
 
रीपेमेंट: लोन का भुगतान भारतीय मुद्रा में होना चाहिए और एनआरई या एनआरओ अकाउंट्स के माध्यम से विदेश से भेजे हुए पैसे से भुगतान किया जा सकता है। एनआरआई के मामले में बैड लोन्स की संख्या ज्यादा नहीं है, क्योंकि स्वदेश में उनकी प्रॉपर्टी बैंक कभी भी जब्त कर सकता है। 
 
कई एनआरआई यह बात नहीं जानते कि लोन की अदायगी करते वक्त जीपीए होल्डर को खुद बैंक परिसर में मौजूद होना पड़ता है। दस्तावेजों पर उसी के दस्तखत होते हैं, क्योंकि मुख्य आवेदक भारत में खुद मौजूद नहीं है।
 
मूल्यांकन प्रक्रिया: एनआरआई के लिए लोन का मूल्यांकन उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर हो जाता है। लोन के मूल्यांकन से जुड़ी बातचीत और जानकारी ईमेल पर होती है। विदेश में आवेदक के रोजगार की उसकी कंपनी में दो बार जांच की जाती है। लोन मूल्यांकन में किसी तरह की देरी न हो, इसलिए पहले ही कंपनी के एचआर को इसकी जानकारी दे दें। डिपार्टमेंट में एम्प्लॉई कोड, ट्रांसफर का मकसद, पद इत्यादि जानने के लिए कॉल आ सकता है। 
 
टैक्स छूट: होम लोन लेने वाले एनआरआई ग्राहकों को किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलती। लेकिन रिटर्न फाइल करने के बाद वह एेसे लोन पर टैक्स छूट पाने के हकदार होंगे। 
 
Last Updated: Mon Jul 06 2020

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