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जानिए क्या है रजिस्टर्ड और इक्विटेबल मॉर्गेज में फर्क

जानिए क्या है रजिस्टर्ड और इक्विटेबल मॉर्गेज में फर्क

जानिए क्या है रजिस्टर्ड और इक्विटेबल मॉर्गेज में फर्क
(homesmortgageslenderss.com)
जब भी होम लोन के संदर्भ में ''गिरवी'' शब्द का इस्तेमाल होता है तो इसका मतलब है कि जब तक लोन पूरी तरह भुगतान नहीं किया जाता, संपत्ति गिरवी रहेगी। गिरवी का मतलब होता है कि पैसा उधार पाने के लिए किसी के पास उसे छोड़ना। बतौर घर खरीददार रजिस्टर्डइक्विटेबल मॉर्गेज (गिरवी) और कानूनी प्रक्रिया में स्टैंप ड्यूटी के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इस तरह के चार्जेज से आपके क्रेडिट की लागत पर असर पड़ता है। यहां तक कि जब बैंक काफी कम दर पर लोन देता है और लोन प्रोसेसिंग फीस हटा देता है तो एेसे शुल्क फायदों को कमजोर बना देते हैं। मकानआईक्यू आज आपको होम लोन में रजिस्टर्ड और इक्विटेबल मॉर्गेज के बारे में बताने जा रहा है। 
 

क्या है इक्विटेबल मॉर्गेज :

इसमें मालिक को अपनी टाइटल डीड उधार देने वाले के नाम ट्रांसफर करनी होती है, जिससे संपत्ति पर शुल्क बनता है। मालिक मौखिक रूप से भी संपत्ति पर शुल्क बनाने के इरादे की पुष्टि करता है। इक्विटेबल मॉर्गेज को इम्प्लाइड या कंस्ट्रक्टिव मॉर्गेज भी कहते हैं। इसमें किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया शामिल नहीं होती। लेकिन न्याय के हित में यह गिरवी मानी जाती है (इक्विटी में)। उधार लेने वाला बैंक या किसी अन्य से इस अग्रीमेंट पर पैसा लेता है कि उसकी प्रॉपर्टी, जिस पर इक्विटेबल मॉर्गेज बनाया गया है, वह लोन की सुरक्षा के तौर पर काम करता है । उधार लिए गए पैसे की एवज में उधारकर्ता को अपनी टाइटल डीड बतौर सिक्योरिटी जमा करानी पड़ती है। रजिस्ट्रार के रिकॉर्ड में भी इसका कोई औपचारिक या कानूनी तौर पर रजिस्ट्रेशन नहीं होता, लेकिन नोटिफाइड जगहों पर इसे बनाया जा सकता है। रजिस्टर्ड मॉर्गेज के मुकाबले इसमें स्टैंप ड्यूटी और अन्य चार्जेज कम होते हैं। 
 

क्या है रजिस्टर्ड मॉर्गेज :

उधार देने वाले को लोन की सिक्योरिटी के रूप में संपत्ति का मालिकाना हक ट्रांसफर किया जाता है, इसके सबूत के लिए उधारकर्ता को सब-रजिस्ट्रार अॉफिस में जाकर प्रॉपर्टी पर शुल्क बनवाना पड़ता है। रजिस्टर्ड मॉर्गेज को ''डीड अॉफ ट्रस्ट'' भी कहा जाता है। गिरवी या शुल्क बनाने के लिए रजिस्टर्ड मॉर्गेज में सभी अहम कानूनी जरूरतों का पालन किया जाता है। लोन लेने वाला अगर होम लोन के नियम व शर्तों के मुताबिक सारा पैसा चुका देता है तो संपत्ति का मालिकाना हक उसे वापस कर दिया जाता है। इसके बाद संपत्ति पर उधार देने के वाले के अधिकार (जो कानूनी प्रक्रिया के वक्त बनाए गए थे) निष्क्रिय हो जाते हैं। लेकिन अगर लोन लेने वाला पैसा पूरा चुकाने में नाकाम रहता है (ब्याज और मूल) तो लोन देने वाले को प्रॉपर्टी का पोजेशन लेने के अधिकार होगा।
 

इक्विटेबल मॉर्गेज का पॉजिटिव पहलू :

इसे आसान और किफायती माना जाता है। इक्विटेबल मॉर्गज में जो स्टैंप ड्यूटी चुकाई जाती है, वह रजिस्टर्ड मॉर्गज की तुलना में काफी कम होती है। कई राज्यों में इक्विटेबल मॉर्गेज मेंस्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्जेज लोन की राशि का 0.1 प्रतिशत जितना कम होता है। अन्य मॉर्गेज में स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्जेज को दो बार चुकाना पड़ता है। इसका मतलब है कि स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्जेज उस वक्त चुकाए जाते हैं, जब मॉर्गेज बनाया जाता है और जब उसे बंद किया जाता है। उधार देने वाले और बैंक के प्रतिनिधि को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया या मॉर्गेज छुड़ाने के लिए सब-रजिस्ट्रार के दफ्तर भी नहीं जाना पड़ता। जब आप बैंक को पूरा पैसा वापस कर देंगे तो बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के असली टाइटल डीड आपको लौटा दी जाएगी।
 

रजिस्टर्ड मॉर्गेज पर क्यों भरोसा करते है बैंक: 

इक्विटेबल मॉर्गेज में उधार लेने वाले और देने वाले दोनों को ही फायदा होता है, लेकिन फिर भी बैंक रजिस्टर्ड मॉर्गेज को तरजीह देते हैं। इसका कारण है कि सब रजिस्ट्रार अॉफिस में इक्विटेबल मॉर्गेज का प्रॉपर्टी पर लोन का कोई रिकॉर्ड नहीं होता। इसमें सिर्फ उधार लेने वाले और देने वाले को ही संपत्ति पर गिरवी या शुल्क की जानकारी होती है। इसमें यह संभावना रह जाती है कि लोन पूरा चुकाए बिना प्रॉपर्टी किसी तीसरी पार्टी को बेच दी गई है। किसी नए ग्राहक या पार्टी को गिरवी के बारे में कोई जानकारी नहीं होती, क्योंकि इसका कोई रिकॉर्ड ही नहीं है और मॉर्गेज सिर्फ मौखिक आधार पर किया जाता है। इस वजह से बैंकिंग संस्थाएं इक्विटेबल मॉर्गेज को नहीं मानती हैं। लोन देने वालों के साथ हुई धोखाधड़ी के कई मामले बीते वर्षों में सामने आ चुके हैं, क्योंकि लोन पाने के लिए एक ही संपत्ति का इस्तेमाल कई बार किया गया था। एेसा इसलिए हुआ, क्योंकि किसी तरह का पब्लिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
Last Updated: Sun Aug 01 2021

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